याद पिया की आए…आए ना बलम…नैना मोरे तारास गाये…जैसे गीतों को गाकर अमर कर देने वाले उस्ताद बड़े गुलाम अली खां भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में एक ऐसा नाम है जिन्होंने श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी.