भूमि की पैमाइश कराने के लिए एक हजार रुपये प्रति गाटा फीस निर्धारित है। इसके बाद भी लेखपाल व कानूनगो किसानों से पैमाइश व मेड़ बंदी के लिए मनमानी रिश्वत वसूलते हैं।