मोबाइल के एपीके एप के जरिए आरोपी लाइव मैच से पहले सट्टा लगवाकर समय के अंतर का फायदा उठा रहे थे। रजिस्टर में पैसों का पूरा हिसाब रखा जाता था और अगले दिन जीतने वालों को रकम दी जाती थी।